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Saturday, June 19, 2021

निर्भय

तुलसी भरोसे राम के निर्भय हो के सोय 

अनहोनी होनी नहीं होनी होय सो होय । 

                                    तुलसीदास जी  

Friday, June 18, 2021

Vijay Raj Lalawat: शाम

Vijay Raj Lalawat: शाम: बहुत शाम हुई चलो घर जाएं , दिल ही तो बस टूटा है अब क्या मर जाएं । 💛💚💙💜  

शाम

बहुत शाम हुई चलो घर जाएं ,

दिल ही तो बस टूटा है अब क्या मर जाएं । 💛💚💙💜
 

निर्भय

तुलसी भरोसे राम के निर्भय हो के सोय  अनहोनी होनी नहीं होनी होय सो होय ।                                      तुलसीदास जी