गा गा के दुनियाँ को सर पे बैठाओ
गा ना सके तो हल्ला करेंगे
मरना पड़ा तो हम मरेंगे
रोज़ रोज़ मर के यूँ जीना बुरा है
हर बार ग़म ऐ आंसू पीना बुरा है
आवाज़ को अपनी संगीत के पैरों पे बैठाओ
चलो गीत गाओ चलो गीत गाओ
अज्ञात
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